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सरकारी दफ्तर में न खाएं गुटखा-पान

Thu, 23 Mar 2017 11:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
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सरकारी कार्यालयों में गंदगी का आलम
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सीएम आदित्यनाथ ने सरकारी दफ्तरों में स्वच्छता कायम रखने का आदेश दिया है। इसको लेकर अफसरों ने संजीदगी दिखानी शुरू कर दी है। गुरुवार को सीडीओ रामाश्रय ने विकास भवन में निरीक्षण किया और सभी कर्मचारियों को पान-गुटखा न खाने की हिदायत दी।
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उनके प्रतिबंध लगाने का असर यह रहा कि विकास भवन परिसर में कहीं भी पान-गुटखा खाकर थूकना कर्मचारियों ने पूरी तरह से बंद कर दिया। इससे भवन परिसर में कहीं गंदगी नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं जिला पंचायत राज विभाग ने तो अपने कार्यालय के पास ही कई पौध लगे गमले रखवाए हैं। उधर विद्युत वितरण खंड कार्यालय और डाकघर राबर्ट्सगंज में प्रवेश करते ही दीवारें पान के पीक से रंगी हुई नजर आईं। हालांकि गुरुवार को विभागाध्यक्ष ने सभी को इसको लेकर चेता दिया है। उधर मुख्यमंत्री के इस फरमान के बावत अफसरों से वार्ता की गई।


डीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वच्छता को लेकर सराहनीय निर्णय लिया है। हर व्यक्ति को इसको लेकर खुद भी जागरूक होने की जरूरत है। अपने कार्यालय के कर्मचारियों को उन्होंने इसको लेकर निर्देश दे दिया है। डीपीआरओ एमपी द्विवेदी ने कहा कि उनका विभाग केंद्रीय कार्यक्रम के तहत पहले से ही स्वच्छता अभियान चला रहा है।
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कार्यालय में कोई कर्मचारी पान-गुटखा खाकर नहीं आता है। फिर भी सभी को हिदायत दी गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि सीएम का निर्णय सराहनीय है। स्वच्छ भारत मिशन की जिला परियोजना समन्वयक किरन सिंह ने कहा कि पान-गुटखा खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसे खाकर जगह-जगह थूकने से भी गंदगी होती है।


इससे निजात के लिए मुख्यमंत्री का यह कदम स्वागत योग्य है। विद्युत विभाग के एक्सईएन उमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि सीएम का यह निर्णय सराहनीय है। सभी को इससे अवगत करा दिया गया है।
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