सोनभद्र। जिले के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों मैं स्कूल कायाकल्प के कार्य की समीक्षा सोमवार को डीएम एस. राजलिंगम ने कलेक्ट्रेट में किया। इसमें उन्होंने पाया गया कि ब्लॉक राबर्ट्सगंज में 308 विद्यालयों की तुलना में 89 विद्यालयों पर ही कार्य शुरू हुआ है। इस पर डीएम ने नाराजगी बताई।
चोपन में 462 के सापेक्ष 101, घोरावल में 344 के सापेक्ष 131, चतरा में 77 विद्यालयों के सापेक्ष 52, नगवां में 140 विद्यालयों के सापेक्ष 48, बभनी में 128 विद्यालय के सापेक्ष 22, दुद्धी में 258 विद्यालय के सापेक्ष 70 एवं विकास खंड म्योरपुर में 241 विद्यालय के सापेक्ष 99 विद्यालयों पर ही कार्य शुरू हुआ है। कुल 1958 विद्यालय की तुलना में सिर्फ 612 विद्यालयों पर ही कार्य शुरू हुआ। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीआरओ को निर्देशित किया कि तीन दिनों के अंदर सभी विद्यालयों में कायाकल्प का कार्य शुरू हो जाए। यदि किसी विकास खंड के सभी विद्यालयों में कार्य शुरू नहीं होता है तो उसके लिए सीधे उस विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी पंचायत जिम्मेदार होंगे। बभनी ब्लॉक में सबसे कम कार्य शुरू हुआ है। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीपीआरओ आर के भारती ने सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पत्र जारी कर निर्देश दिया कि प्रत्येक दशा में सभी विद्यालयों पर तीन दिन के भीतर कार्य प्रारंभ करा दिए जाए और एक माह के भीतर सभी विद्यालय के कायाकल्प का कार्य पूर्ण कर लिए जाए। जिस ब्लॉक में तीन तीन में विद्यालय पर कार्य शुरू नही कराया जाएगा, उसके लिए वहां के एडीओ पंचायत सीधे जिम्मेदार होंगे। उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। डीपीआरओ ने निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक दशा में स्कूलों का कायाकल्प किया जाना है। जिसमें सभी प्रधान और सचिव सहयोग करें।