सोनभद्र। प्रशासन, खनन, परिवहन, वन, पुलिस और अन्य विभागों की कोरम अदायगी से जिले में बगैर परमिट के ही बालू, गिट्टी आदि खनिज संपदाओं का परिवहन हो रहा है। धड़ल्ले से ओवरलोड वाहनों का भी संचालन हो रहा है। रविवार की रात डीएम के निर्देश पर एडीएम की अगुवाई में पुलिस, खनन और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने टोल प्लाजा के पास व अन्य क्षेत्रों में खनिज पदार्थ लदे वाहनों की जांच की। इस दौरान 25 ओवरलोड वाहनों का चालान किया गया। 12 ट्रक बगैर परमिट (एमएम 11) के ही परिवहन होते मिले। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिले के विभिन्न स्थानों पर बालू, गिट्टी आदि का अवैध खनन तेज हो गया है। अवैध खनन तेज होने से बालू और गिट्टी का अवैध तरीके से परिवहन भी तेज हो गया है। सब कुछ संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों व खनन माफिया की मिलीभगत से हो रहा है। परिणामस्वरूप जब शिकायत का सिलसिला तेज होता है तब विभागीय अधिकारी कुछ वाहनों को ओवरलोड के नाम पर चालान कर देते हैं। अवैध खनन व परिवहन का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जब भी छापे की कार्रवाई होती है, बगैर परमिट के खनिज पदार्थों का परिवहन पकड़ा जाता है। जांच के नाम पर प्रशासन भी महज औपचारिकता पूरी कर रहा है। इसका नतीजा है कि सड़क पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। रविवार की रात डीएम के निर्देश पर एडीएम, एएसपी, उप जिलाधिकारी सदर, पुलिस क्षेत्राधिकारी (सदर), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), खान अधिकारी ने खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों की जांच की। एडीएम योगेंद्र बहादुर के मुताबिक जांच के दौरान 12 वाहन बिना परमिट (ई-एमएम-11) के मिले। जिन पर निर्धारित से अधिक मात्रा में खनिज लदे पाये गए। पकड़े गए वाहन संबंधित थानों एवं प्रवर्तन कार्यालय, लोढ़ी में बंद किए गए हैं। वाहनों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। इसके अलावा 25 वाहन ओवरलोड पाए जाने पर चालान किया गया है। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
प्रशासन ने पूर्व में दी थी कार्रवाई की चेतावनी
सोनभद्र। पूर्व में प्रशासन की तरफ से चेतावनी दी गई थी कि यदि बालू या गिट्टी का अवैध परिवहन पाया गया तो क्रेशर सीज करने और बालू खदानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हर बार जांच के नाम पर की जा रही कोरम अदायगी से अवैध खनन व परिवहन में जुटे लोगों को हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।