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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहेंगे गोताखोर

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सोनभद्र। जिले में मानसून के दस्तक देते ही जिला प्रशासन बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुट गया है। डीएम अभिषेेेेक सिंह ने राबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी और ओबरा तहसील के एसडीएम को कटान से प्रभावित होने वाले क्षेत्र, जलभराव एवं जल निकासी वाले क्षेत्रों में जीवनोपयोगी आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध करने का निर्देश दिया है। जल भराव की स्थिति में संबंधित उपजिलाधिकारी द्वारा नावों तथा गोताखोरों की व्यवस्था की जाएगी। नावों की संख्या तथा गोताखोरों के मोबाइल नंबर बाढ़ समन्वय अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गोताखोरों को 24 घंटे अलर्ट रखा जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर गोताखोर बाढ़ से पीड़ित लोगों को बचा सकें।
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जिले में सोमवार को ही बारिश ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी। दूसरे दिन मंगलवार को पूरे दिन आसमान में बादल उमड़ते रहे। रुक-रुक कर हल्की बारिश भी होती रही। बरसात होने से सोन, बेलन, बकहर, विजुल, रेणु, कनहर, मलिया, घाघर और डोल नदीं का जलस्तर बढ़ने लगा है। तेज बारिश होने पर पहाड़ों का अधिकांश पानी नदियों में चला जाता है, इससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। सोन नदी और बेलन नदी का जलस्तर बढ़ने से राबर्ट्सगंज विकास खंड के सबसे अधिक गांव प्रभावित होते हैं। जिलाधिकारी ने राबर्ट्सगंज एसडीएम डॉ. केएस पांडेय, घोरावल एसडीएम जैनेंद्र सिंह, ओबरा उपजिलाधिकारी प्रकाश चंद्र और दुद्वी एसडीएम रमेश कुमार को गोताखोरों की सूची मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया है।
बाढ़ के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
सोनभद्र। जिले में अत्यधिक बारिश होने पर बाढ़ की उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में सूचनाएं देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर सोमवार को शुरू कर दिया गया। सोन नदी का जलस्तर 171.00 मीटर होने तथा बेलन नदी में बाढ़ आने की सूचनाएं देने के लिए कलेक्ट्रेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष खोला गया है, जिसका नंबर 05444,222030 है। उधर बंधी प्रखंड द्वितीय राबर्ट्सगंज के कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष खोला गया है, जिसका दूरभाष नंबर 05444,222048 है।
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कटान से प्रभावित होने वाले क्षेत्र, जल भराव एवं जल निकासी वाले क्षेत्रों में जीवनोपयोगी आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध सभी तहसीलों के एसडीम द्वारा किया जाएगा। जल भराव की स्थिति में संबंधित उपजिलाधिकारी द्वारा नावों तथा गोताखोरों की व्यवस्था की जाएगी। नावों की संख्या तथा गोताखोरों के मोबाइन नंबर बाढ़ समन्वय अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। - योगेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी, सोनभद्र।
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