प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बाद अब जिला अस्पताल में भी नसबंदी कैंप बंद हो गया। एकमात्र सर्जन डा. जेएन सिंह के एक माह के लिए प्रशिक्षण पर चले जाने के कारण ऐसी नौबत आई है।
मंगलवार को आपरेशन के लिए पहुंची महिलाओं ने इसके विरोध में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ में नसबंदी कैंप में कई महिलाओं की मौत के बाद से सोनभद्र में नसबंदी कैंप प्रभावित चल रहा है।
एकमात्र सर्जन डा. जेएन सिंह के मानक से अधिक आपरेशन करने से इनकार करने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अमरेंद्र बहादुर सिंह ने जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही प्रसवोत्तर केंद्र में नसबंदी कैंप पर रोक लगा दी थी।
सीएमओ ने कहा था कि जिला अस्पताल में ही रोज आपरेशन होगा पर यह भी नहीं हो सका और प्रत्येक मंगलवार को आपरेशन होने लगे। लेकिन पिछले मंगलवार से ही यहां भी आपरेशन बंद है।
मंगलवार को एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिला अस्पताल में नसबंदी के लिए महिलाओं को लेकर पहुंचीं। यहां उन्हें जानकारी मिली कि चिकित्सक एक माह के लिए प्रशिक्षण पर गए हैं,
इसलिए आपरेशन नहीं हो सकेगा। इससे नाराज महिलाओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि उन्हें दूर से जिला अस्पताल आने में खर्च लगता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी फिक्र नहीं है।
प्रदर्शन करने वालों में कविता, सीता बहार, संजू, कोहलरिया, सुषमा, सुशीला, बबिता सिंह, शिखा सिंह, सुनीला सिंह, प्रभावती, सुनीता, डाली आदि शामिल थीं।