सोनभद्र। आपसी मनमुटाव के चलते 13 वर्षों से दंपती के बीच चल रहा विवाद शुक्रवार को सुलझ गया। मध्यस्थता केंद्र में आमने-सामने बैठने के बाद दोनों ने एक-दूसरे से गिले-शिकवे भुलाकर विवाद के समाधान का निर्णय लिया। स्वेच्छा से वह अलग-अलग रहने को राजी होकर घर गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय परिसर में संचालित मध्यस्थता केंद्र विवाद सुलझाने में मददगार बना। प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज शैलेंद्र यादव ने बताया कि रेणुकूट के खाड़पाथर निवासी गीता गुप्ता की शादी वर्ष 2008 में बलिया जिले के दुबहड़ थाना क्षेत्र के किसनीपुर गांव निवासी आनंद कुमार से हुई थी। शादी के कुछ वर्ष बाद ही दंपती में विवाद शुरू हो गया। वर्ष 2011 में गीता को ससुराल से निकाल दिया गया। वह मायके आकर रहने लगी। उसने पति के खिलाफ परिवार न्यायालय में भरण पोषण का मुकदमा दाखिल किया। पत्रावली को परिवार न्यायालय से विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता केंद्र में सुलह-समझौता के लिए भेजा गया। शुक्रवार को मामले की सुनवाई मीडिएशन सेंटर में हुई। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत की गई तो घरेलू बातों को लेकर उनमें मनमुटाव की बात सामने आई। मध्यस्थ मुनिराज शाह की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने आपस में सुलह कर विवाद खत्म करते हुए अलग-अलग रहने पर सहमति जताई।
अपर जिला जज शैलेंद्र यादव ने दंपती को अपने-अपने जीवन का निर्वाह करने के लिए प्रेरित किया।