डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा ने बुधवार को ओबराडीह में 1.09 लाख की लागत से निर्मित हाईटेक पौधशाला का निरीक्षण किया। उद्यान विभाग की ओर से निर्मित यह पौधशाला मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में काम करेगा। इसमें मिट्टी का इस्तेमाल किए बिना रोगमुक्त पौधे तैयार किए जाएंगे।
यह पौधे किसानों को सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे। अफसरों ने मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नई तकनीक का प्रयोग कर उगाई जा रही अच्छी गुणवत्ता के सब्जी के पौधे तैयार करने की प्रक्रिया का जायजा लिया।
डीएम ने निर्देशित किया कि अच्छी गुणवत्ता के सब्जी पौधे तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराया जाय। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उनसे उत्पादन कार्य लिया जाय, जिससे औद्यानिक क्षेत्र में नई तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा मिले और उत्पादकता में भी वृद्धि हो।
उन्होंने कहा कि मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण से जिले के किसानों को उन्नत किस्म के सब्जी के पौधे प्राप्त होंगे। रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। जनपद में किसानों से भी पाॅली हाउस का निर्माण कराया जाय, जिससे कृषकों की आय में वृद्धि हो सके।
जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि हाईटेक पौधशाला का उद्देश्य बीजों के जमाव प्रतिशत को बढ़ाना, सूक्ष्म एवं मृदु बीजों से पौधों का सुविधापूर्वक उत्पादन, उपयुक्त वातावरण के समय पौध उपलब्ध कराना, गुणवत्तायुक्त पौध तैयार करना, रोग-कीट के प्रभाव रहित पौध का उत्पादन करना है।
इस पौधशाला में बाहरी वातावरण को नियंत्रित कर सब्जियों की पौध का उत्पादन किया जाएगा। प्राकृतिक प्रतिकूल कारकों को नियंत्रण के साथ हाईटेक पौधशाला में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा 2-3 गुना बढ़ जाती है। निरीक्षण के मौके पर उद्यान निरीक्षक रवींद्र सिंह, पुष्पा आदि मौजूद रहे।
ऐसे काम करेगा एक्सीलेंस सेंटर
हाईटेक पौधशाला में सीड ग्रोइंग चैंबर में फैन-पैड का निर्माण किया गया है। सिडिंग मशीन की सहायता से सीड की बुवाई ट्रे में की जाएगी। नियंत्रित वातावरण में बीजों से स्वस्थ व रोगमुक्त पौध तैयार किए जाएंगे। हार्डनिंग चैंबर का निर्माण कराया गया था। 20 दिन बाद सीड ग्रोइंग चैंबर से तैयार पौधों को हार्डनिंग चैंबर में रखा जाता है, ताकि पौधों को खुले खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाय। हार्डनिंग चैंबर में तैयार पौधे कृषकों को खेत में रोपाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।