साल बदलने के साथ ही मौसम में भी बदलाव हुआ है। बुधवार को अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री दर्ज किया गया। यह पिछले आठ सालों में एक जनवरी का सबसे कम अधिकतम तापमान है।
महज पांच दिनों में ही दिन के तापमान में करीब दस डिग्री की गिरावट आने से लोग ठंड से ठिठुरने को विवश दिखे। शीतलहर के प्रकोप से बचने के लिए अलाव सहारा बना। एक जनवरी को जिले का औसत तापमान अधिकतम 22 और न्यूनतम 10 डिग्री का रहा है।
इस बार न्यूनतम तापमान तो 10 डिग्री के आसपास रहा, लेकिन अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट हुई। सुबह बादल छाए रहे। दिन में धूप निकलने के बाद भी अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं पहुंच सका। गत 28 दिसंबर को अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री था।
महज पांच दिनों में ही दस डिग्री सेल्सियस तक गिरावट से ठंड में इजाफा हुआ है। शीतलहर के प्रकाेप से लोग कांपते नजर आए। नए वर्ष पर घरों से पिकनिक मनाने के लिए निकले लोग शाम को जल्द घरों में दुबकने को विवश दिखे। मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के प्रेक्षक राजन सिंह ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तापमान में अभी और गिरावट आने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान भी नीचे जा सकता है।
पिछले आठ वर्षों में एक जनवरी का तापमान
वर्ष: अधिकतम: न्यूनतम
2018: 21: 05
2019: 24: 08
2020: 26: 14
2021: 25: 05
2022: 19: 11
2023: 19: 08
2024: 20: 07
2025: 17: 10
(आंकड़े डिग्री सेल्सियस में हैं।)
डीएम ने रैन बसेरों का किया निरीक्षण
कड़ाके की ठंड में बचाव इंतजामों का जायजा लेने देर रात डीएम बद्रीनाथ सिंह नगर की सड़कों पर उतरे। बढ़ौली चौराहा, रैन बसेरा, रेलवे स्टेशन व जिला अस्पताल में पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। असहाय व जरूरतमंद लोगों में कंबंल वितरित किया। उन्होंने ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त अलाव जलवाने के निर्देश दिए। रैन बसेरों में ठहरने वालों से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदार को अपने क्षेत्रों में रात्रि भ्रमण कर सार्वजनिक स्थानों पर स्थाई, अस्थाई रैन बसेरों और अन्य स्थानों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सड़क, पटरी, सड़क के डिवाइडर पर सोता हुआ न रहे। डीएम ने जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर एडीएम सहदेव मिश्र, तहसीलदार सदर अमित सिंह, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, ईओ विजय कुमार यादव आदि मौजूद रहे।