विंध्याचल परिक्षेत्र के डीआईजी आरपी सिंह ने मंगलवार को जनपद का वार्षिक निरीक्षण किया। पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद उन्होंने पुलिस कार्यालय पहुंचकर विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया और अभिलेखों व कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पत्र व्यवहार, आंकिक, अभियोजन और अपराध शाखा सहित अन्य इकाइयों के अभिलेखों की जांच की। डीआईजी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, विवेचना की गुणवत्ता सुधारने और अभियोजन कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
महिला प्रकोष्ठ, विशेष जांच प्रकोष्ठ और डीसीआरबी शाखा के निरीक्षण के दौरान महिला सुरक्षा मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके बाद डीआईजी ने चोपन थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने थाना कार्यालय, मालखाना, हवालात, सीसीटीवी, बैरक, शस्त्रागार और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अभिलेखों को अद्यतन रखने, गैंग पंजीकरण की कार्रवाई तेज करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीआईजी ने वांछित और वारंटी अभियुक्तों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, हिस्ट्रीशीटरों की नियमित निगरानी और बीट पुलिसिंग को सक्रिय करने पर जोर दिया। साइबर हेल्प डेस्क की समीक्षा करते हुए उन्होंने ऑनलाइन अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और आमजन को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
मिशन शक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान महिला बीट से संबंधित उत्कृष्ट जानकारी प्रस्तुत करने पर आरक्षी प्राची शुक्ला को पुरस्कृत किया गया। डीआईजी ने महिला अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीआईजी ने पारदर्शी पुलिसिंग, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को प्राथमिकता देने पर बल दिया।