रेणुकूट वन प्रभाग अंतर्गत जरहा वन क्षेत्र में अवैध खनन और लीलाडेवा बीट के महुली कंपार्टमेंट 1 व 2 सेक्शन से खैर के पेड़ की कटान की शिकायत पर डीएफओ ने शनिवार को जांच की। ग्रामीणों की शिकायत पर जरहा पहुंचे डीएफओ ने वन कर्मियों को फटकार लगाते हुए प्रभावी निगरानी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुछ माह पहले बघाडू वन क्षेत्र से खैर व महुली वन क्षेत्र के जंगलों से साखू के पेड़ों की कटान का मामला आया था। जांच में ही मामला उलझ कर रह गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गरीबों को वन कर्मी जलावनी लकड़ी भी लाने पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज देते हैं, लेकिन धड़ल्ले से चल रहे अवैध कटान व खनन पर कोई ध्यान नहीं है।
बघाड़ू, बिच्छी नदी, अजीर नदी, बरन आदि नदी नालों से शाम ढलने के बाद अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा है। इस बाबत शिकायत पर डीएफओ रेणुकूट स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को जरहा पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। वन कर्मियों को कड़ी हिदायत दी कि वन संपदा की प्रभावी ढंग से निगरानी करें। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।