सोनभद्र। वासंतिक (चैत्र) नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने मातारानी के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की। देवी मंदिरों में सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए दर्शन पूजन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। मंदिर में प्रवेश करने से पूर्व भक्तों का थर्मल स्क्रीनिंग की गई। घरों में भी कलश स्थापना के साथ पूजा पाठ शुरू हो गया।
राबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर पर दर्शन पूजन करने के लिए भोर से ही भक्तगण पहुंचने लगे। मंदिर में प्रवेश से पूर्व भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए भक्तों ने मातारानी के दरबार में हाजिरी लगाई। आंबेडकर नगर स्थित कड़े मां शीतला मंदिर, पूरब मोहाल स्थित सातो शीतला मंदिर और दंडईत बाबा मंदिर परिसर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन पूजन के लिए भक्तों की लाइन लगी रही। मंदिरों के आस-पास लगी अस्थायी दुकानों पर पूजन सामग्री लेने के लिए भीड़ लगी रहीं। नवरात्र का पहला दिन होने के चलते लोगों ने अपने घरों में पूजा स्थल की साफ-सफाई की और मातारानी का आह्वान करते हुए कलश स्थापना की। इसके बाद विधि पूर्वक पूजन अर्चन किया गया। नगवां ब्लाक के सुदूर पहाड़ी इलाके में आसन लगाई मां अमिला धाम और चोपन ब्लाक के कुड़ारी धाम में सैकड़ों भक्तों ने हाजिरी लगाई। देवी धाम में दूर दराज से भक्तगण पहुंचे। इसी तरह चंदौली जिले में स्थित अमरा भगवती व शक्तिनगर स्थित ज्वालामुखी देवी मंदिर में भक्तों ने पूजा पाठ की। देवी मंदिरों पर सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस के जवान डटे रहे।
वैष्णो दरबार में भक्तों ने लगाई हाजिरी
डाला। चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो शक्तिपीठ धाम में कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेका। कलश स्थापना के साथ ही पूजा पाठ का क्रम सुबह से ही शुरू हो गया। कोरोना के चलते मां वैष्णो शक्तिपीठ धाम में बहुत कम संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेका। भक्तों के दर्शन के लिए चार बजे भोर में ही मंदिर की साफ़-सफाई का कार्य पूरा कर छह बजे दर्शन के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया गया था। प्रसाद स्वरूप हलवा भक्तों में वितरित किया गया। भक्तों ने गुफा में पिंडी स्वरूप में विराजमान त्रिदेवियों का दर्शन पूजन किया और मंदिर के बाहर नारियल फोड़कर परिवार में मंगल की कामना की।
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सिर्फ पूजन व आरती के लिए बंद होगा मंदिर
डाला। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुभाष मित्तल ने बताया कि मां वैष्णों मंदिर में दूरदराज से आने वाले सभी दर्शनार्थियों के लिए छह बजे भोर से दिन के एक बजे तक मंदिर खुला रहेगा। एक बजे से तीन बजे तक मंदिर का कपाट पूजन-आरती के लिए बंद रहेगा। तीन बजे से साढ़े आठ बजे तक मां का दर्शन भक्त कर सकते हैं। थर्मल स्क्रिनिंग, सैनिटाइजर की व्यवस्था गेट पर ही कि गई है।
कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय पूजा पाठ शुरू
विंढमगंज। हिंदू कैलेंडर का नव वर्ष शुभारंभ हुआ। इसी के साथ नौ दिनों तक चलने वाले चैत्र नवरात्र की विशेष पूजा अनुष्ठान प्रारंभ हो गई। शहर में मेन रोड पर लगभग दो किलोमीटर रामनवमी सेवा समिति के द्वारा महावीरी झंडा व लाइट लगाए जाने से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया है। रामनवमी सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव, पुजारी बबलू तिवारी ने बताया कि क्षेत्र स्थित मां काली मंदिर व श्री राम मंदिर पर विधि विधान से कलश स्थापना के पश्चात पूजा अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी हृदयानंद तिवारी ने कहा कि लगातार नौ दिनों तक विद्वान पंडित के द्वारा शाम छह बजे से संगीतमय प्रवचन होगा।