राबर्ट्सगंज स्थित शीतला माता की भव्य प्रतिमा।
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सोनभद्र/घोरावल। शारदीय नवरात्र 17 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिरों में दर्शन पूजन की छूट दी गई है। नवरात्र में दर्शन पूजन को लेकर देवी मंदिरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग में दर्शन पूजन के लिए मंदिरों में प्रवेश देने की तैयारी चल रही है।
राबर्ट्सगंज नगर स्थित प्राचीन शीतला मंदिर के पुजारी अक्षैबर नाथ शुक्ल, खुशहाल देव पांडेय और प्रशांत शुक्ला ने बताया कि मंदिर में बुधवार को साफ-सफाई की गई। देवी शीतला की प्रतिमा के साथ-साथ मंदिर परिसर में मौजूद अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा की सफाई व रंगाई पोताई की जा रही है। नवरात्र में भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में पुरुष एवं महिला श्रद्घालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की जाएगी। सोशल डिस्टेंसिंग में दर्शन पूजन कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन की तरफ से महिला एवं पुरुष कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई जाती है। वहीं घोरावल के शिवद्वार स्थित माता पार्वती एवं भगवान भोलेनाथ के संयुक्त विग्रह उमामहेश्वर का दर्शन करने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। नवरात्र में भीड़ अपेक्षाकृत अधिक होती है। मंदिर के मुख्य पुजारी सुरेश गिरि ने बताया कि नवरात्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन पूजन करने आते हैं। मंदिर परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन किया जाएगा। मंदिर के बाहर सैनिटाइजर व साबुन-पानी उपलब्ध रहेगा। मंदिर में एक बार में सिर्फ पांच दर्शनार्थियों को प्रवेश मिलेगा। उनके निकलने के बाद फिर पांच लोग मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर पर पुलिस व राजस्वकर्मियों की ड्यूटी रहेगी।