सोनभद्र। जिला कारागार गुरमा में सोमवार को एक बंदी की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी होने पर जेल कर्मी उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां उपचार के दौरान बंदी की मौत हो गई। सदर तहसीलदार बृजेश वर्मा की मौजूदगी में वीडियो कैमरे की नजर में डॉक्टरों ने बंदी के शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस ने शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
जिला कारागार में 18 नवंबर 2020 से सदर कोतवाली क्षेत्र के बरवन गांव निवासी इसरार उर्फ मोती (43) पुत्र अब्दुल रऊफ निरुद्ध चल रहा था। उसके खिलाफ जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज है। सोमवार की अपराह्न करीब तीन बजे जेल में अचानक इसरार की तबीयत बिगड़ गई। इसकी जानकारी होने पर जेल कर्मी आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल कर्मियों ने विभागीय अधिकारियों, सदर कोतवाली पुलिस और मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने डीएम, सीएमओ, मानवाधिकार आयोग समेत अन्य अधिकारियों को बंदी के मौत की सूचना दे दी है। मंगलवार को जिला अस्पताल में तहसीलदार की मौजूदगी और वीडियो कैमरे की नजर में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। बंदी का पीएम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान सिद्ध दोष बंदी इसरार उर्फ मोती की मौत हो गई। बंदी विभिन्न रोगों से पीड़ित था। पूर्व में उसे हार्ट अटैक का दौरा भी आ चुुका था। जिला अस्पताल लोढ़ी और बीएचयू से उसका उपचार चल रहा था। तहसीलदार की मौजूदगी में वीडियो कैमरे की नजर में पीएम हुुआ। बंदी के मौत की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। - मिजाजी लाल, जेल अधीक्षक, जिला कारागार गुरमा सोनभद्र।