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Sonebhadra News: विरोध के बाद भी 10 फीट की बना दी सड़क, पटरी भी बनाना भूल गए

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न्यू कॉलोनी में बनी आरसीसी सड़क से एक फीट नीचे पटरी। संवाद - फोटो : मेडिकल कॉलेेज में दवा काउंटर पर कतार में खड़ेे मरीज व तीमारदार।
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सोनभद्र। नगर पालिका क्षेत्र के न्यू कॉलोनी से चंडी होटल जाने वाले संपर्क मार्ग पर बनी नई आरसीसी सड़क लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। लोगों के विरोध के बावजूद भी पहले जहां सड़क की चौड़ाई 12 से 13 फीट थी, वहीं अब यह घटकर करीब दस फीट (तीन मीटर) रह गई है, इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। आरसीसी सड़क ऊंचा बनने और पटरी एक फीट नीचे होने से सर्वाधिक परेशानी हो रही है। पटरी भी नहीं बनाए जाने से आए दिन जाम लग रहा है। वहीं विभागीय अधिकारी का कहना है कि दस्तावेज में सड़क 10 फीट की ही है।
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रॉबर्ट्सगंज नगर के महिला थाना मोड़ से न्यू कॉलोनी होते हुए पकरी मोहाल, पकरी तालाब और चंडी तिराहा तक करीब दो किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क और मजबूत पटरियां बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। सड़क निर्माण के बाद कुछ दूर तक जीएसबी गिराकर पटरी बनाई गई है। मगर न्यू कॉलाेनी स्थित हरदा बाबा मंदिर के समीप से लेकर पकरी मोहाल मोड़ पर स्थित एक लॉन के आगे तक सड़क की पटरियां नहीं बनाई गई है। सड़क किनारे दो से ढाई फीट पटरी है, जो सड़क से करीब एक फीट नीचे हैं। इससे दो वाहनों के पास होने में दिक्कत हो रही है। तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे जहां गिट्टी (जीएसबी) डाली गई है, वहां धूल उड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की पटरियों का निर्माण कराने और धूल से राहत दिलाने के लिए पानी के छिड़काव की व्यवस्था करने की मांग की है।
लोग बोले
धूल उड़ने से सांस लेने में परेशानी हो रही है, खासकर जो लोग पहले से बीमार हैं। पटरी न बनने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कत हो रही है।- सुनीता सिंह।
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सड़क संकरी होने से हर समय जाम लग रहा है। स्कूल खुलने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। ग्राहक भी परेशान हो रहे हैं, धूल से दिन भर सफाई करनी पड़ती है। - शुभम केशरी, दुकानदार
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न पानी का छिड़काव हो रहा है न पटरियां बनाई हैं। वाहन पास कराने के लिए सड़क से नीचे उतरना पड़ता है, जो खतरनाक है। एक महीने के अंदर कई ई-रिक्शा पलट चुके हैं। - टीएन सोनी, दुकानदार।
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सड़क पर पहले दो वाहन आसानी से निकल जाते थे। आरसीसी सड़क बनने के बाद दो वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। इससे जाम की समस्या बढ़ गई है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।- कुणाल सिंह।

रॉबर्ट्सगंज महिला मोड़ से न्यू कॉलोनी से होकर चंडी तिराहा जाने वाले सड़क दस्तावेज में पहले से तीन मीटर चौड़ी है। पहले से जितनी सड़क चौड़ी होती है, नवीनीकरण में उतनी ही चौड़ाई में सड़क बनाना होता है। यह सड़क मानक के अनुसार तीन मीटर चौड़ी बनी है। - शैलेश ठाकुर, एक्सईएन-पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।
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