विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार की शाम परियोजना गेट पर प्रदर्शन कर तेरह सूत्री मांगों को लेकर आवाज उठाई। बकाया अनुग्रह धनराशि का भुगतान दिवाली से पहले करने सहित अन्य मांगों को लेकर जल्द पहल न होने पर 21 को कार्य बहिष्कार, इसके बाद बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी।
अगुवाई कर रहे विद्युत मजदूर संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष आरएस राय, बिजली कर्मचारी संघ के जवाहर विश्वकर्मा ने कहा कि दस फरवरी को लखनऊ में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान विद्युतकर्मियों पर लादे गए मुकदमे और निलंबन की कार्रवाई वापस लेने की मांग की। विभागीय संविदा लागू करने, कार्यरत संविदा कर्मियों को सीधे विभाग से पंद्रह हजार न्यूनतम वेतन खाते में देने, ईपीएफ राशि विभाग द्वारा संविदा कर्मियों के खाते में जमा करने की मांग उठाई।
संविदा श्रमिक समिति के अतिरिक्त प्रांतीय महामंत्री उदयप्रताप सिंह, विद्युत मजदूर संगठन के क्षेत्रीय मंत्री श्यामकिशोर जायसवाल, बिजली कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री सच्चिदानंद सिंह, विद्युत मजदूर संगठन के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि 2000 के बाद नियुक्त कर्मियों को पेंशन देने, एलएमवी दस की सुविधा सभी सेवानिवृत्त एवं कार्यरत कर्मियों के लिए बहाल करने, टीजी-दो को अवर अभियंता पद पर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने की मांग की। संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुधीर कुमार सिंह, राममिलन, अरविंद कुमार सिंह, श्रीकांत, विवेक कुमार आदि ने विद्युत दुर्घटना में घायल संविदा कर्मियों के उपचार का खर्च विभाग द्वारा वहन करने, मृत्यु अथवा विकलांगता की दशा में दस लाख रुपये मुआवजा देने, ईपीएफ धनराशि में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच की आवाज उठाने आदि को लेकर आवाज उठाई। कहा कि 14 अक्टूबर को सभी परियोजनाओं पर धरना-सभा, 18 अक्टूबर को मशाल जुलूस, 21 अक्टूबर की सुबह नौ बजे से 22 अक्टूबर की शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।