महंगाई के अनुसार मनरेगा कर्मियों का मानदेय दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को विकास भवन कार्यालय पर उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में मनरेगा श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर जायज मांगों को पूर्ण करने में हिलाहवाली करने का आरोप मढ़ा। प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट जाकर डीएम को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। मांगें पूर्ण न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
दोपहर करीब 12 बजे बाइकों से जुलूस की शक्ल में मांगों के समर्थन मेें नारेबाजी करते हुए मनरेगा कर्मचारी विकास भवन पहुंच कर धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा क्रमिकों के हड़ताल पर चले जाने से जिले के 637 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप है। इससे करीब 163000 परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। रोजगार के लिए श्रमिक इधर-उधर भटक रहे है।
कहा कि पूर्व में मांगों को पूर्ण करने को कई बार जिला प्रशासन के माध्यम से सीएम को मांगपत्र भेजा गया। इसके बावजूद अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। चेतावनी देते हुए कहा कि अविलंब प्रदेश सरकार मांगों को पूर्ण नहीं की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जरूरत पडने पर सूबे के विधान सभा का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर पंकज कुमार, अभय मौर्या, विनय पांडेय, मेराज, अभिनाष, अशोक निषाद, दयाशंकर आदि मौजूद रहे।