अनपरा। सूबे का मौसम ठंडा होते ही बिजली की मांग भारी गिरावट आई है। इससे निगम को थोड़ी राहत मिली है। दूसरी तरफ अनपरा की 500 मेगावाट की एक, ओबरा की 200 मेगावाट की एक और लैंको 600 मेगावाट की इकाई तकनीकी कारणों से बंद चल रही है।
माह के शुरूआत मे हुई बारिश के कारण बिजली की मांग 21551 मेगावाट पर पहुंच गई थी। कुछ दिनों निकली धूप ने गर्मी और उमस बढ़ा दी, इस कारण सूबे मे बिजली की मांग तेजी से बढ़ने लगी, जो वृहस्पतिवार को 25382 मेगावाट तक पहुंच गई। लेकिन हवा मे नमी और कुछ जगहों पर हुई बारिश के कारण सूबे का तापमान कुछ ठंडा हो गया जिस कारण शुक्रवार को बिजली की अधिकतम मांग गिरकर 24071 मेगावाट पर आ गई। इस बीच उत्पादन निगम की अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की सातवीं इकाई बुधवार की भोर से बीटीएल के कारण बंद चल रही है। ओबरा तापीय परियोजना की 200 मेगावाट की दसवीं इकाई टर्बाइन मे आई खराबी के कारण जनवरी से बंद चल रही है। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की 600 मेगावाट की दूसरी इकाई भी बीटीएल के कारण बंद चल रही है। बिजली की मांग कम होने के कारण निगम को थोड़ा राहत तो मिला है।