आखिरकार राख बांध पर पूर्ण रूप से निर्मित हजार मेगावाट वाली अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई का उत्पादन वाणिज्यिक घोषित हो गया। इसके साथ ही इस इकाई से पैदा होने वाली बिजली का पावर कारपोरेशन से राज्य विद्युत उत्पादन निगम को भुगतान मिलने का रास्ता साफ हो गया।
गत आठ मई से ही उत्पादित होने वाली बिजली को वाणिज्यिक के दायरे में ले लिया गया है। इससे आठ मई से अब तक उत्पादित की गई बिजली का भुगतान उत्पादन निगम को मिल सकेगा। बताते चलें कि 31 मार्च 2015 को इस इकाई को लोकार्पण सीएम अखिलेश यादव ने किया था।
जून 2015 में यह इकाई पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर आ भी गई थी लेकिन ब्वायलर में दिक्कत के कारण यह इकाई एक साल पीछे चली गई। गत अप्रैल में इस इकाई को फिर से उत्पादन पर लेने के साथ ही वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया पूरी कर इसे मंजूरी के लिए शक्ति भवन भेज दिया गया।
वाणिज्यिक लोड मंजूरी की तिथि आठ मई तय की गई थी, जिसके परीक्षण के बाद बिजली खरीद करार डिवीजन के मुख्य अभियंता जीपी श्रीवास्तव ने मंगलवार को पहली इकाई का उत्पादन वाणिज्यिक घोषित करने का प्रस्ताव मंजूर करने के साथ ही, वाणिज्यिक उत्पादन तिथि गत आठ मई को ही निर्धारित करने पर भी अपनी मुहर लगा दी। अनपरा सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने भी इसकी पुष्टि की