तीन दिन से हो रही बारिश की वजह से कोयला खदान के बाहर जमा किया गया ओबी का मलबा खेतों में पहुंच रहा है। बारिश से ओबी बहकर सब्जी के खेतों में बह रही है। इससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके पहले भी मई में इसी तरह की समस्या उत्पन्न हुई थी। अब इससे परेशान किसानों ने समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की है। इस संबंध में काश्तकारों डीएम को पत्र दिया है।
मामला सिंगरौली में स्थित कोल प्रोजेक्ट का है। अमलोरी गांव में ओबी के मलबे से प्रभावित किसान रामकरन, गंगाराम, जमुनाराम, तिलकधारी, देवनारायण, लक्षिमन कुमार, संतोष कुमार, गनेश कुमार, समयलाल, अंजनी कुमार, राकेश कुमार, अवधेश कुमार, सत्यदेव, सुरेश कुमार एवं कमलेश कुमार ने कलेक्टर के नाम सौंपे गये शिकायती पत्र में अवगत कराया है कि मलबा पूर्ण रूप से बंजर बना दिया है। माइंस से प्रभावित किसानों ने यह भी अवगत कराया कि हम लोग का जीविकोपार्जन कृषि कार्य से ही होता है और यही एक मात्र सहारा है। पिछले कई वर्षों से हम इस समस्या से दो चार हो रहे हैं। कई बार कलेक्टर, उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार को इसकी सूचना दी जा चुकी है लेकिन अब तक समाधान नहीं किया गया।
मामला संज्ञान में आया है। शिकायती आवेदन पत्र मिले हैं इसकी जांच करायी जायेगी और यदि प्रभावित लोगों की शिकायत सही मिली तो उचित कदम उठाये जायेंगे। - ऋषि पवार, एसडीएम, सिंगरौली (मप्र)।