सतीश शर्मा ने आरोप लगाया था कि सास गीता देवी और दूर के रिश्तेदार अशोक शर्मा ने मिलकर दोनों की हत्या की है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका सुनीता के गर्भवती होने की भी पुष्टि हुई।
विवेचना के बाद पुलिस ने चोपन गांव निवासी गीता देवी और मिर्जापुर जिले के जिगना थानांतर्गत हरगढ़ गांव निवासी अशोक शर्मा के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के बाद न्यायालय ने गीता देवी और अशोक शर्मा को हत्या का दोषी पाते हुए उन्हें मृत्युदंड और 70-70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय कुमार यादव ने बहस की।
सोनभद्र जिले में यह दूसरा मौका है, जब किसी मामले में अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। हालांकि पहली फांसी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था। अब दूसरी फांसी की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट बरकरार रखेगा या बदलाव करेगा यह सुनवाई के बाद आने वाले निर्णय के बाद ही पता चलेगा।