आसमान में बादलों ने दूसरे दिन भी डेरा जमाए रखा। इससे सूर्यदेव का दर्शन नहीं हो सका। शुक्रवार को बारिश तो थमी रही, लेकिन कीचड़ सनी सड़कों पर आवागमन में फजीहत होती रही।
इसके चलते वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर लोगों को जहां तहां जाम की स्थितियों का सामना करना पड़ा। शाम होते ही हवाएं लोगों की कंपकंपी छुड़ाती रही।
नए साल की नई सुबह के साथ शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार की आधी रात के बाद तक बना रहा। शुक्रवार की सुबह बारिश तो थम गई लेकिन आसमनान में बादल डेरा डाले रहे।
इसके चलते पूरे दिन लोग धूप के लिए तरसते दिखे। हाड़ कंपाती ठंड लोगों को घरों में दुबकने के लिए विवश कर दी। राबर्ट्सगंज, अनपरा, चोपन, ओबरा, शक्तिनगर, बीजपुर, रामगढ़, ककरी, मधुपुर, घोरावल, शाहगंज, डाला, बभनी, म्योरपुर, विंढमगंज, कोन सभी जगहों पर ठंड का सितम लोगों को झेलना पड़ा।
सड़कों पर जमा कीचड़ आवागमन में फजीहत का सबब बना रहा। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर गुरुवार की रात से लेकर शुक्रवार को पूरे दिन रह-रहकर जाम की स्थिति बनी रही।