छत्तीसगढ़ सीमा पर सटे रनदह गांव के बाद दूसरे दिन मंगलवार की रात हाथियों
के झुंड ने महज 200 मीटर दूर छत्तीसगढ़ के चूनापाथर गांव में उत्पात मचाया
और करीब आधा दर्जन कच्चे घरों को ढहा दिया।
गनीमत यहीं रही कि रनदह गांव
में पुलिस, वन विभाग की टीम के साथ ही ग्रामीणों ने आग जलाकर सारी रात
जागरण किया । हाथियों ने मंगलवार की रात में भी गांव में घुसने का प्रयास
किया था, लेकिन सर्च लाइट और आग जलाकर लोगों ने हाथियों को भगा दिया।
दुद्धी एसडीएम डॉ. विश्राम सिंह, तहसीलदार जितेंद्र सिंह और सीओ लक्ष्मण
राय ने भी मंगलवार की शाम रनदह गांव पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
पीड़ित लोगों को कंबल और राशन मुहैया कराया गया।छत्तीसगढ़ सीमा पर
स्थित रनदह गांव में सोमवार की रात हाथियों का झुंड आ गया।
सबसे पहले
रामविचार पुत्र महादेव, उदसिया पत्नी जगदेव, मोतीलाल पुत्र सुखदेव, देवराज
पुत्र नान्हू, रामचंद्र पुत्र सुखदेव, राजाराम पुत्र लखन, रामलाल पुत्र
मनबोध के कच्चे घरों को ढहा दिया और पशुओं को माद दिया था। ग्रामीणों ने
आग जलाकर हाथियों को छत्तीसगढ़ जंगल की ओर भगाया था।
मंगलवार की रात में
बभनी एसओ अशोक सिंह यादव पुलिस बल के साथ और डिप्टी रेंजर दिनेश चंद्र के
नेतृत्व में वन विभाग की टीम रनदह गांव में डंटी रही। वन क्षेत्राधिकारी
एसपी सिंह ने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा। वहीं दुद्धी एसडीएम
डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।
इस बाबत
दुद्धी विधायक रूबी प्रसाद ने कहा कि हाथियों के उत्पात से हुई क्षति के
संबंध में डीएम से बातचीत करके पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।