सोनभद्र। ओबरा तहसील के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में बिना एनओसी संचालित क्रशर प्लांट को सील कर दिया गया। डीएम के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई।
ओबरा तहसील के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में मानकों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर क्रशर प्लांटों का संचालन किया जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व मारकुंडी स्थित मेसर्स वंदना स्टोन के विरुद्ध वायु प्रदूषण फैलाने और खनन लीज पर क्रशर संचालित होने का मामला आया था। शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने जांच की।
मौके पर पर्याप्त प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाएं स्थापित किए बिना प्लांट संचालित होता मिला। प्लांट संचालन के लिए प्रदूषण विभाग का लाइसेंस भी नहीं लिया गया था। जांच में नियमों के उलंघन की पुष्टि होने के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर सील करने निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने शुक्रवार को एसडीएम ओबरा अजय सिंह और प्रभारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी उमेश गुप्ता की अगुवाई वाली टीम ने मारकुंडी स्थित मेसर्स वंदना स्टोन को सील कर दिया। बता दें कि इससे पूर्व भी 11 स्टोन क्रशर प्लांट सील किए गए थे। क्षेत्रीय अधिकारी उमेश गुप्ता ने कहा कि मानकों की अनदेखी और पर्यावरण का हनन किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।