यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। मंत्रोचार से
समूचा इलाका भक्तिमय हो गया है। सुबह नौ बजे से विद्वानों ने वैदिक
मंत्रोचार के साथ गुरु दिक्षा, विद्या आरंभ, नामांकरण संस्कार कराना शुरू
किया।
गायत्री मंत्र के साथ श्रद्धालुओं ने यज्ञमंडप की परिक्रमा किया।
शांति कुंज के टोली नायक इंद्रजीत शर्मा ने गुरु दिक्षा के बारे में लोगों
को बताया।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद करने वालों की मां गायत्री मदद
करती है और उनके सभी दुखों को दूर कर उनके जीवन में खुशी ही खुशी देती है।
शाम पांच बजे से रात्रि आठ बजे तक विद्वनों ने संगीतमय प्रवचन कर श्रोताओं
को भक्ति की सागर में डूबो दिया। इस आयोजन में श्रद्धालुओं की सेवा में
सुग्रीव प्रसाद, राजन गुप्ता, अरूण मौर्य, कामेश्वर मौर्य, मदन मौर्य,
वरूणकेश शुक्ला, आशीष चौबे, मालती देवी,
सुप्रिया लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चौकी प्रभारी अवधनाथ यादव
भ्रमण करते रहे।