सोनांचल के किसानों के साथ प्रकृति बीते दो साल से छल कर रहा है। पहले बारिश नहीं होने से किसान धान की फसल नहीं लगा सके तो अब जिन किसानों की धान की फसल तैयार होने को थी, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेत में लोट गई है। ओलावृष्टि के बाद धान की उपज 20 से 30 फीसदी कम होने का अनुमान है। जो धान की फसलें खड़ी भी हैं तो ओलावृष्टि होने से उसकी बाली टूट गई हैं। इससे किसानों को काफी क्षति हुई है।
राबर्ट्सगंज नगर के साथ ही आस-पास के गांवों में सोमवार की शाम को बेमौसम बारिश हुई। बारिश के दौरान मटर के दाने से बड़े आकार के ओले भी पड़े। करीब दस मिनट तक ओलावृष्टि हुई। सोमवार की रात में भी बारिश होती रही। मंगलवार की सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो धान की फसल देख सन्न रह गए। धान की फसलें हवा के झोकें और ओलावृष्टि से जगह-जगह खेत में लोट गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान महीन धान की फसलों को पहुंचा है। सदर ब्लॉक के बिच्छी के ग्राम प्रधान कुंवर डीपी सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश तथा ओलावृष्टि होने से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। धान की फसल की उपज पर इसका असर पड़ेगा। वहीं सोनवट गांव के किसान विजय प्रकाश पांडेय का कहना है कि हथिया नक्षत्र में अच्छी बारिश होने से धान की अच्छी फसल होने की उम्मीद जगी थी, मगर सोमवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से राबर्ट्सगंज के आस-पास के गांव के किसान ज्यादा प्रभावित हुए हैं।