कृष्णशिला से कटनी के लिए रैक लेकर जा रही मालगाड़ी को अनपरा में मंगलवार की दोपहर रोककर कई टन कोयला उतार लिया गया। यह वाकया थाना और रेलवे स्टेशन से चंद कदम की दूरी पर हुआ।
स्थानीय लोगों ने इस पर एतराज जताया तो सिविल पुलिस और आरपीएफ जवानों ने पहुंचकर कोयले को कब्जे में ले लिया। वहीं कोयला उतार रहे लोग भाग खड़े हुए।
हालांकि उतारे गए कोयले का अधिकांश भाग मौके पर ही छोड़कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश जारी रही।
बताते चलें कि दोपहर 12 बजे के करीब एनसीएल के कृष्णशिला कोल प्रोजेक्ट से रवाना हुई मालगाड़ी अचानक से अनपरा के औड़ी पुलिया से आगे बढ़कर रुक गई।
इसके बाद कोयला चोरी में लिप्त गैंग के लोग इस पर चढ़कर कोयला उतारने लगे। अनपरा थाना और रेलवे स्टेशन से चंद कदम की दूरी पर लगभग आधे घंटे तक यह कोयला उतारने का क्रम जारी रहा।
लेकिन किसी भी जिम्मेदार की नजर इस पर नहीं गई। जब लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और रेलवे के अधिकारियों को दी तो अनपरा से पहुंचे कथित कारखास ने एतराज जताने वालों को ही अदब में लेने की कोशिश शुरू कर दी।
तब तक रेलवे की भी पुलिस वहां पहुंच गई। यह देख जहां कोयला उतार रहे लोग भाग खड़े हुए। वहीं लोगों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने उतारे गए कई टन कोयले का कुछ हिस्सा ट्रैक्टर से अनपरा थाने लाकर कोरमपूर्ति कर ली।
वहीं शेष कोयले को लेकर रेलवे पुलिस फोर्स से जुडे़ लोग मामले को मैनेज करने में लगे रहे। बताते चलें कि दुल्लापाथर से लेकर काशी मोड़ के बीच हर दूसरे-तीसरे दिन इसी तरह खुलेआम कोयले की चोरी की जाती है।
रात के अंधेरे में भी ट्रेन को रोककर काफी कोयला उड़ा लिया जाता है। इसमें से कुछ हिस्सा स्थानीय होटलों पर तो ज्यादातर हिस्सा रात के अंधेरे में अनपरा इलाके से सटे पिपरी अंचल के कुंवारी ले जाया जाता है और वहां से इसकी चंधासी मंडी या सेटिंग वाले स्थलों के लिए आपूर्ति कर दी जाती है।
दिलचस्प बात यह है कि सब कुछ दिनदहाड़े होता है और घटनास्थल से थाना, रेलवे स्टेशन और ट्रांजिट शुल्क के लिए जवाबदेह वन विभाग का दफ्तर अगल-बगल में ही स्थित है।
अभिसूचना इकाइयों की ओर से भी इसको लेकर आपत्ति जताई जाती रही है। बावजूद कोयले के इस काले कारोबार पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा, यह सवाल चर्चा में बना हुआ है।
उधर, एसओ शोभनाथ यादव का कहना था कि सूचना पर पुलिस गई थी। चूंकि मामला आरपीएफ से जुड़ा हुआ है, इसलिए उतारे गए कोयले को कब्जे में लेने की जिम्मेदारी उन्हीं को दे दी गई है।
आरपीएफ एसओ अख्तर समी खान ने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है।