सीजेएम सुबोध वार्ष्णेय की अदालत ने जेठ के विरूद्ध बलात्कार एवं देवर तथा पति पर बलात्कार में सहयोग करने एवं धमकी देने का मुकदमा राबर्ट्सगंज कोतवाल को दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की पीड़ित महिला के जरिए अधिवक्ता सेराज अख्तर खां की ओर से प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने दिया है। तीनों आरोपी चंदौली जिला निवासी हैं।
पीड़ित महिला का आरोप है कि उसका चंदौली जिले के निवासी पति मुहम्मद तसौवर अली, देवर सनौवर अली एवं जेठ अनवर अली से पारिवारिक मुकदमा चल रहा है। मुकदमें में दबाव बनाने के लिए 26 सितंबर 2017 को रात्रि आठ बजे उसके बड़े पिता के घर पहुंचे और मुकदमे में सुलह करने की बात की। इसके बाद जेठ अनवर अली भी घर में घुस आया और अकेली पाकर और चाकू दिखाकर बलात्कार किया। इस बीच कई लोग आ गए तो देवर सनौवर अली और पति तसौवर अली जो दरवाजे पर खड़े थे। चिल्लाने पर जेठ अनवर अली उसे छोड़कर धमकाते हुए भाग निकले। तीनों को भागते हुए लोगों ने देखा और रात्रि में ही कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संज्ञेय अपराध मानते हुए राबर्ट्सगंज कोतवाल को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।