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ग्रामीणों ने शव लेकर पहुंचे वाहन को रोका

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ओबरा(ब्यूरो)। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के सौरभ क्रशर खदान मेसर्स धर्मेंद्र सिंह की खदान में गुरुवार को संदिग्ध हालत में हुई मजदूर की मौत का मामला गरमाता जा रहा है। परिवारीजनों ने जहां डाला पुलिस पर मामले के लीपापोती करने के प्रयास का आरोप लगाया है। वहीं गुरुवार की रात शव लेकर खैराही पहुंचे वाहन को देर तक रोके रखा। पुलिस ने पहुंचकर वाहन को मुक्त कराया। इसको लेकर गांव में आक्रोश का माहौल बना रहा। पिता रामलखन अगरिया ने हत्या का आरोप लगाते हुए खदान संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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बताते चलें कि गुरुवार को बिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप डाला क्षेत्र स्थित कोठा टोला की सौरभ क्रशर खदान मेसर्स धर्मेंद्र सिंह के खदान में हुए हादसे में मजदूर छविंद्र अकरिया (20) निवासी खैराही थाना ओबरा की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार वालों को बिना सूचना दिए ही शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पीएम के बाद शव का तत्काल अंतिम संस्कार करने के लिए भी दबाव बनाया गया। यहीं कारण था कि गुरुवार की रात जब वाहन छविंद्र का शव लेकर खैराही पहुंचा तो ग्रामीणों और परिवारीजनों ने वाहन को वहीं रोक लिया। 100 डायल पर मामले की जानकारी मिली तो पहुंची पुलिस ने वाहन को मुक्त कराया। मृतक के पिता रामलखन अगरिया का कहना था कि पुलिस मामले में शांत रहने का दबाव दे रही है। जबकि उनके पुत्र की मौत संदिग्ध हाल में हुई है। उन्हें पूरा शक है कि उनके बेटे की हत्या की गई हैं। उन्होंने खदान मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और मुआवजा दिए जाने की मांग की। बता दें कि मामले को छुपाने के लिए खदान मालिक हर संभव प्रयास करते रहे। मृत को घायल बताकर अस्पताल ले जाने का बहाना बनाते रहे। मजदूरों की सुरक्षा का ख्याल न रखने के चलते पूर्व में भी इस खदान में हादसे हो चुके हैं। यहां अवैध खनन की पुष्टि भी हो चुकी है। अफसरों की जांच में खदान भी काफी गहरी पाई जा चुकी है। बावजूद सख्त कार्रवाई न होने से यहां मजदूरों की जान खतरें में बनी रहती है। उधर, सीओ कृष्णगोपाल सिंह का कहना था कि मामले में जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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