सोनभद्र। बगैर जिलाधिकारी के आदेश के स्वयं की इलाज पर डेढ़ लाख से अधिक धनराशि व्यय करना सीलिंग लिपिक को महंगा पड़ गया। बृहस्पतिवार को राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने प्रभारी अधिकारी सीलिंग/डिप्टी कलेक्टर सुशील कुमार यादव की तहरीर पर आरोपी सिलिंग लिपिक कलेक्ट्रेट आशुतोष श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने आरोपी लिपिक को निलंबित भी कर दिया।
पुलिस के मुताबिक वादी प्रभारी अधिकारी सीलिंग/डिप्टी कलेक्टर का कहना है कि प्रभारी सहायक भूलेख अधिकारी द्वारा एडीएम के संज्ञान में लाया गया कि लिपिक आशुतोष श्रीवास्तव के चिकित्सा प्रतिपूर्ति मूल्य के उक्त आदेश पर डीएम के हस्ताक्षर नहीं है। इसी क्रम में एडीएम द्वारा आशुतोष श्रीवास्तव सीलिंग लिपिक के स्वयं इलाज पर चिकित्सा व्यय की गई धनराशि 174163 (एक लाख चौहत्तर हजार एक सौ तिरसठ रुपये) से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावली प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया गया कि पत्रावली पर उपलब्ध आदेश चि.प्र.पू व नोटशीट पर डीएम का हस्ताक्षर नहीं किया गया है।
आशुतोष लिपिक सीलिंग द्वारा 24 फरवरी 2018 से एक दिसंबर 2018 तक 174163 की स्वीकृति की पत्रावली प्रत्येक वर्ष की अलग-अलग बनाई गई है और स्वंय अपने पास रखकर पत्रावली का व्यवहरण किया जा रहा तथा अधोहस्ताक्षरी का कूटरचित हस्ताक्षर कर 174163 भुगतान/स्वीकृति कराने का अपराधिक कृत्य किया गया है जो कर्मचारी आचरण नियमावली के सर्वथा विपरीत है। सिटी सीओ अभिषेक सिंह ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर की तहरीर पर आरोपी लिपिक आशुतोष के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। उधर एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि लिपिक आशुतोष को निलंबित कर दिया गया है।