राबर्ट्सगंज के पुसौली गांव से सोमवार की रात बाल गृह (बालिका) से फरार दो किशोरियों को कुछ ही घंटे में पुलिस ने बरामद कर लिया। दोनों किशोरियां बालक गृह की सहायक को झांसा देकर गेट फांद कर फरार हो गई थी। इससे पूर्व भी बाल गृह से दो किशोरियां फरार हो चुकी हैं इनमें से एक मिल चुकी है जबकि दूसरी का अभी तक पता नहीं चला।
पुसौली गांव में 18 वर्ष तक की आयु की किशोरियां के लिए बाल गृह है। सोमवार रात नौ बजे किशोरियों का खाना निकालने के लिए सहायक जैसे ही रसोई घर में गई, सुधार गृह की काजल (16) और सुकन्या (17) गेट फांदकर फरार हो गई। इस बात की जानकारी वार्डेन नीलम सिंह को दी गई तो हड़कंप गया। वार्डेन सौ नंबर पर पुलिस को जानकारी देने के बाद कई लोगों के साथ उनकी तलाश में निकल पड़ीं। इधर पकड़े जाने की डर से किशोरियों ने इमिरति गांव के एक व्यक्ति के घर का दरवाजा घटखटाया और गलत सूचना देकर पनाह लेने की कोशिश की। हालांकि जिस व्यक्ति के घर में दोनों किशोरियां पहुंची, उसने इसकी गोपनीय तरीके से जानकारी राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को दे दी। कोतवाल कुछ ही देर में हमराहियों के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए और जानकारी लेने के बाद इसकी सूचना बाल गृह की वार्डेन को दी। पुलिस की मौजूदगी में दोनों किशोरियों को वार्डेन के सुपुर्द किया गया।
वार्डेन नीलम ने बताया कि सुकन्या मधुपुर की रहने वाली है और वह तीन दिन पहले बाल गृह में आई है जबकि काजल राबर्ट्सगंज की है और वह बाल गृह में करीब 15 दिनों से रह रही है। सुकन्या का दो दिन पूर्व न्यायालय में 164 का कलमबंद बयान भी हुआ है।
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सुरक्षा व्यवस्था का नहीं इंतजाम
सोनभद्र। बाल गृह (बालिका) में मौजूदा समय में 13 किशोरियां निरूद्ध है। उनके खाने और ठहरने का इंतजाम तो है लेकिन सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। सीसीटीवी कैमरा लगा है। सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला हेल्पर की है। वार्डेन नीलम सिंह ने बताया कि इसके पहले भी दो किशोरियां बाल गृह से फरार हुई थी, जिसमें एक मिली लेकिन दूसरी का आज तक पता नहीं चला। उन्होंने बाल गृह की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबलों की तैनाती करने की मांग की है।