सोनभद्र। चोपन ब्लॉक के अरंगी उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अवधबली सिंह के मौत के मामले में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। एक शिक्षिका और उससे जुड़े लोगों के कथित उत्पीड़न तथा शिक्षिका द्वारा उन पर पूर्व में लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम को प्रकरण की जांचकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी है।
बुधवार को ओबरा थाना क्षेत्र के रेणुकापार कड़िया विद्यालय जाने वाले मार्ग स्थित परसोई के एनपीआरसी एवं अरंगी जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक अवधबली सिंह ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। उनके पास से मिले सूसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने चोपन के तात्कालिक बीईओ सुनील सिंह, एनपीआरसी मनीष श्रीवास्तव, शिक्षिका स्वेता गुप्ता और हेमलता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन अब तक पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जबकि सूसाइड नोट में अवधबली ने लिखा है कि एक शिक्षिका छुट्टी के लिए बार-बार दबाव डाल रही थी। मना करने पर उसके द्वारा झूठे आरोप लगाया गए। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि वित्त लेखाधिकारी विजय सोनकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। खंड शिक्षाधिकारी चोपन रमाकांत राम और दुद्धी के खंड शिक्षाधिकारी मुकेश कुमार ने किन परिस्थितियों में प्रधानाध्यापक ने जहर निगलाइसकी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय टीम प्रधानाध्यापक के खिलाफ शिक्षिका द्वारा दी गई शिकायती पत्र की भी जांच करेगी। जांच में जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।