सोनभद्र। मांची थाना क्षेत्र के चिचलिक गांव में महिला को भरी पंचायत में डायन बताकर प्रताड़ित करने और उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के मामले में मंगलवार को कार्रवाई हुई। एसपी राम प्रताप सिंह के सख्त रुख के बाद मांची पुलिस ने महिला की तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और पांच लोगों को गिरफ्तार कर चालान किया। महिला ने मंगलवार को एसपी से मिलकर एक दरोगा पर धमकाने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार चिचलिक गांव में एक माह में सर्पदंश से दो लोगों की मौत के मामले में पंचायत बुलाई गई थी।
चिचलिक गांव निवासी गुलपतिया सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंची, वहां पर शिकायत दर्ज कराई कि गांव में बुलाई गई बैठक में उसे डायन घोषित किया गया और उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। उसने बताया कि गांव में सर्पदंश से दो लोगों की मौत हो गई, जिसपर गांव में पंचायत बुलाई गई। इसमें चेताया गया कि यदि वह पैसा नहीं देती है तो उसके बाल मुड़वाकर गांव में घुमाया जाएगा। मंगलवार को इस मामले को एसपी राम प्रताप सिंह ने गंभीरता से लिया। मांची थानाध्यक्ष को कार्रवाई का निर्देश दिया। मंगलवार को फिर से महिला एसपी से मिलने पहुंची। वहां उसने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि सोमवार की शाम उसके यहां एक दरोगा और एक सिपाही गए थे। वे उसे धमकी दी गई है। महिला की शिकायत पर एसपी ने कड़ा रुख अख्तियार किया उनके निर्देश पर मांची पुलिस ने कार्रवाई की। महिला की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही बिहारी समेत नौ लोगों के खिलाफ मंगलवार को केस दर्ज किया। साथ ही पांच लोगों मैनेजर, जवाहर, रामगोली, सतेंदर और इंद्रदेव को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि महिला ने मामले में बढ़ा चढ़ाकर शिकायत की थी। पंचायत बैठी थी जिसमें दोनों पक्षों को लेकर निर्णय लिया गया था, लेकिन इस तरह की पंचायत गलत है। इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है और पांच लोग गिरफ्तार किया यगा है। हालांकि मामले में लापरवाही बरतने पर महुली चौकी इंचार्ज वीरेंद्र प्रताप सिंह को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।