सोनभद्र। नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को इस गर्मी में भी पानी संकट से निजात नहीं मिल पाएगा। नल से जल पाने की हसरत अधूरी ही रहेगी। बहुप्रतीक्षित रॉबर्ट्सगंज पेयजल पुनर्गठन परियोजना का निर्माण भले ही पूरा हो गया है, लेकिन घरों तक कनेक्शन देने का कार्य अभी भी सुस्त है। योजना के तहत 10871 घरों को कनेक्शन देना है। इसकी जगह अब तक 800 कनेक्शन ही हो पाए हैं। नए इलाकाें में 10 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। मार्च 2026 तक कनेक्शन का काम पूरा करना है।
जिला मुख्यालय की नगर पालिका में हर बार गर्मी में पानी का संकट गहराता है। नगर के पुराने इलाकों में पाइप लाइन से आपूर्ति होती है, लेकिन दशकों पहले बिछाई गई पाइप से साढ़े तीन हजार घरों तक ही बमुश्किल पानी पहुंचता है। पिछले डेढ़ दशक में नगर ने तेजी से विस्तार किया है। नए रहवासी इलाके बढ़े हैं। नई कॉलोनियां बसी हैं, मगर उन तक पाइप से पानी पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। लिहाजा हर साल गर्मी शुरू होते ही लोग पेयजल की समस्या से जूझते हैं। पानी के इस संकट को दूर करने के लिए राबर्ट्सगंज पेयजल पुनर्गठन योजना लाई गई थी। इससे नए रहवासी इलाकों सहित नगर की 50 हजार की आबादी को पानी मुहैया कराने का लक्ष्य है। करीब एक दशक के इंतजार के बाद पिछले वर्ष परियोजना तो पूरी हो गई, लेकिन इससे अभी उन्हीं इलाकों में ही पानी पहुंच रहा है, जो पुराने पाइप लाइन से जुड़े हैं। पाइप लाइन से वंचित नगर के नए इलाकों के 10871 घरों तक नल से जल पहुंचाने के लिए सर्वे कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसे मंजूरी के साथ धन आवंटन भी कर दिया गया था। इसके तहत 10 किमी नई पाइप लाइन भी बिछाई जानी है। साढ़े छह करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद भी कार्य की गति काफी सुस्त है। अभी तक करीब 800 घरों को ही कनेक्शन दिया गया है, जबकि नए इलाकों में पाइप बिछाने का काम भी अधूरा है। ऐसे में इस वर्ष गर्मी में पानी के संकट से राहत की उम्मीद लगाए लोगों को मायूसी ही मिलेगी। हालांकि नगर पालिका अपने स्रोतों से पूर्व की तरह टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाने की तैयारी में जुटा है।
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वर्जन...
सर्वे के दौरान चिह्नित इलाकों में कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है। करीब 800 कनेक्शन दिए गए हैं। अनुबंध के तहत इस कार्य को पूरा करने में अभी समय है। तय समय में कार्य पूरा करा लिया जाएगा। फिलहाल पूर्व की भांति संबंधित क्षेत्रों तक नियमित आपूर्ति की जा रही है। -आशीष यादव, जेई, जल निगम नगरीय।