बताया गया कि इस कफ सिरप तस्करी मामले में 15 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद करीब 142 दिनों तक गहन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया और लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसने विभिन्न जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपियों के नेटवर्क को खंगाला। जांच के दौरान हवाला कारोबार से जुड़े अहम सुराग भी मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अवैध कमाई को व्यवस्थित तरीके से इधर-उधर किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।