सोनभद्र। जनसुनवाई समाधान पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में अधिकारी खूब मनमानी कर रहे हैं। मंगलवार को डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की तो पोल खुल गई।
पता चला कि बिना मौके पर गए शिकायतों का निस्तारण कर गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर डीएम ने फटकार लगाते हुए छह अफसरों को नोटिस और चार सीडीपीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में पाया गया कि कुछ अधिकारी न तो स्थलीय सत्यापन करते हैं और न फरियादी से संपर्क साधते हैं। इस पर डीएम ने बीडीओ म्योरपुर, बीईओ चोपन, नगवां व म्योरपुर, सीएचसी प्रभारी नगवां व घोरावल से स्पष्टीकरण तलब किया।
वहीं शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने और असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर सीडीपीओ घोरावल, दुद्धी, करमा और चतरा को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा शिकायतों की सही आख्या अपलोड न करने, स्थलीय भ्रमण न करने और समय पर निस्तारण न करने पर डीएफओ रॉबर्ट्सगंज, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सोनभद्र और सभी अधिशासी अभियंताओं को कड़ी चेतावनी दी गई।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि जनता दर्शन, तहसील दिवस, आईजीआरएस और थाना समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण हो।
इसके लिए अधिकारी स्थल पर जाकर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लें और जीपीएस फोटो सहित आख्या पोर्टल पर अपलोड करें।
बैठक में सीडीओ जागृति अवस्थी, एडीएम वित्त वागीश कुमार शुक्ला, एडीएम न्यायिक रमेश चंद्र आदि अधिकारी मौजूद रहे।