बीजपुर। एनटीपीसी रिहंद परियोजना से राख परिवहन में वाहन स्वामियों की ओर से किए जा रहे भ्रष्टाचार आने के बाद प्रबंधन ने कड़े कदम उठाए हैं।
एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए एक सप्ताह के लिए राख परिवहन से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं पांच वाहनों को काली सूची में डालते हुए उनके साइट प्रवेश पर स्थाई रोक लगा दी गई है।
इन वाहनों से अब कोई कार्य नहीं लिया जाएगा। अमर उजाला ने इस गड़बड़ी को पिछले दिनों प्रमुखता से उठाया था। एनटीपीसी के अधोड़ा राख बंधे से डाल्टनगंज, लातेहार सहित विभिन्न स्थानों पर राख परिवहन किया जा रहा है। इसमें विभिन्न ट्रांसपोर्ट कंपनियों के वाहन लगाए गए हैं।
इसमें से कुछ वाहन कम राख लादकर परियोजना से निकलते हैं और उसे आसपास के गांव में ही गिरा देते हैं। फिर कुछ घंटे बाद ही नंबर प्लेट बदलकर दोबारा प्लांट में राख लादने पहुंच जाते हैं। रविवार रात पांच वाहनों को दक्षिणी द्वार पर चेकिंग के दौरान रोका गया था। उन पर मामूली राख लादकर तिरपाल से ढक दिया गया था। सूचना पर राख प्रबंधन के उप महाप्रबंधक पी. लक्ष्मी पहुंचे तो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए।
उप महाप्रबंधक ने बताया कि जांच में पकड़े गए वाहनों पर सिर्फ 4-4 टन राख ही लदा था। सभी वाहन पशुपति नाथ ट्रांसपोर्ट कंपनी की थीं। इन वाहनों को साइट से स्थाई रूप से निष्कासित कर दिया गया है। पशुपति नाथ ट्रांसपोर्ट को भी एक सप्ताह के लिए कार्य से प्रतिबंधित करते हुए एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के नेमना, जरहा सहित अन्य स्थानों पर उतारा गया राख विंढमगंज भेजवा दिया गया है। उसका कोई चालान या भुगतान नहीं किया गया है। बताया कि परिवहन में लगी सभी एजेंसियों के वाहनों को अब आना-जाना दोनों तरफ से गेट पास जारी होगा।
वाहनों पर नंबर प्लेट के अलावा उनकी बॉडी पर भी गाड़ी नंबर अंकित होना चाहिए। राख लोड कर जाते समय गेट पर तिरपाल हटवाकर जांच की जाएगी। इसके बाद ही गेट पास मिलेगा। रास्ते में मार्ग पर कहीं भी किसी वाहन को राख गिराते पाया गया तो प्रवेश वर्जित कर दिया जाएगा।