राबर्ट्सगंज आरटीएस क्लब प्रांगण में चल रहे श्री राम चरित मानस नवाह्न पाठ
महायज्ञ का रविवार को प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक के साथ ही समापन
हुआ। इस मौके पर पंडाल जय श्री राम के जयकारे से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने
दीप जलाए और की पुष्प वर्षा।
प्रभु श्री राम का खजाना लुटाया गया, जिसे
भक्तों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया।
यज्ञ पांडाल में यज्ञाचार्य पं.
सूर्यलाल शास्त्री की अगुवाई में 111 भूदेवों द्वारा मानस पाठ किया गया।
प्रात: नौ बजे यज्ञ पांडाल श्रद्धालुओं खचाखच भरा रहा।
भगवान राम के
राज्याभिषेक के मौके पर लोगों ने दीप जलाकर खुशी का इजहार किया। फूलों की
वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद भगवान के दरबार में खजाना लुटाया गया
और सभी लोगों ने प्रसाद स्वरूप खजाने को ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ
मंडप की परिक्रमा की और हवन-पूजन किया।
डॉ. कृष्णानंद त्रिपाठी, संतोष धर
दुबे, शिवकुमार शास्त्री, यजमान सुशील पाठक, राधेश्याम जालान, रतनलाल
गर्ग, हेमंत शास्त्री, धर्मराज शास्त्री, प्रकाश चंद्र विद्यार्थी,
कपिलमुनि, विमलेश सिंह, शिशु तिवारी, महेश, रविंद्र, सुशील, राजेश्वर
शुक्ला, मृत्युंजय जायसवाल, रामविलास, सुधाकर, मन्नू, सुंदर आदि मौजूद रहे।
अधर, राबर्ट्सगंज आरटीएस क्लब प्रांगण में शनिवार को रात्रि में
प्रवचन के दौरान जौनपुर से पधारे प्रकाश चंद्र विद्यार्थी ने कहा कि जिस
रूप से धरती का प्राणी देखता है, उसे वैसे ही उसे प्रभु दिखते हैं।
उन्होंने कहा कि मुर्छित लखन आज श्री राम की गोद में हैं उनका बाल बांका
कौन कर सकता है।
प्रभु श्री राम नर लीला कर रहे हैं। वे सबको दिखा रहे हैं
कि जीवन में सुख व दु:ख का सामना सबको करना पड़ता है। मिर्जापुर से पधारे
धर्मराज शास्त्री ने कहा कि भक्त के अंदर शक्ति का जो जागरण होता है, वह
भक्ति के कारण होता है। गोरखपुर से पधारे हेमंत शास्त्री ने भी लक्ष्मण
शक्ति का वृत्तांत सुनाया। संचालन डॉ. कृष्णानंद त्रिपाठी ने किया।