सोनभद्र। कोविड-19 के बढ़ रहे मरीजों को लेकर योगी सरकार गंभीर हो गई है। शासन ने शर्तों के तहत कोरोना पीड़ितों को होम आईसोलेशन की अनुमति भी दे दी है। क्योंकि बड़ी संख्या में कोरोना के लक्षणरहित संक्रमित लोग रोग को छुपा रहे हैं, जिससे संक्रमण के बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं जो कोरोना के मरीज होम आइसोलेशन के मानकों को पूरा न करने समक्ष नहीं हैं उन्हेें कोविड सेंटर में भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। शासन केनिर्देश पर कोविड के इच्छुक पीड़ितों को होटलों में भी ठहरने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से राबट्र्सगंज में चार होटलों को नामित किया गया है।
जिले में लगातार कोविड-19 के मरीजों में इजाफा होने से प्रशासन की नींद उड़ गई है। वहीं यूपी सरकार का मानना है कि बड़ी सख्या में कोविड-19 के लक्षण रहित संक्रमित लोग बीमारी को छूपा रहे है, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है और भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार एक निर्धारित प्रोटोकॉल के अधीन शर्तों के साथ कोरोना मरीजों को होम आईसोलनेश की अनुमति देने का भी निर्णय लिया है। रोगी व उसके परिवार के अन्य सदस्यों को होम आईसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को इस व्यवस्था को लागू करने केसाथ-साथ लोगों को कोविड-19 से बचाव केबारे जागरूक करने का निर्देश दिया है। मास्क के अनिवार्य रूप से उपयोग तथा सोशल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश जारी किया गया है। जिले स्तर पर चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आईएएम तथा नर्सिंग एसोसिएशन केपदाधिकारियों संग बैठक की जाएगी। कोविड अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं होंगी। एल-1 कोविड चिकित्सालय में ऑक्सीजन तथा एल-2 कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन केसाथ वेंटिलेटर की भी व्यवस्था होगी। कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों में अलग-अलग एंबुलेंस होंगी। सीएमओ के अनुमति मिलने पर कोरोना मरीज खुद केखर्च पर होटलों में भी ठहर सकते हैं। इसके लिए जिला मुख्यालय पर चार होटलों का चयन किया जा चुका है। एडीएम योगेेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि शासन केनिर्देशनुसार कोराना के मरीजों और उनके परिजनों को होम आईसोलेशन की अनुमति दी जाएगी।