सोनभद्र। शासन ने हर जिले में अब सिर्फ एक कोविड-19 अस्पताल संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिला अस्पताल लोढ़ी में सिर्फ 200 बेड के मैटर्निटी हॉस्पिटल में ही एल टू कोविड अस्पताल संचालित होगा। कोविड अस्पतालों के बंद होने से अब जिला अस्पताल में अब पहले की तरह 200 बेड का अस्पताल पूरी तरह से संचालित हो जाएगा। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी। अस्पतालों में ओपीडी चल रही है।
जिले में कोरोना के शुरू हुए संक्रमण को देेखते हुए जिला अस्पताल समेत अन्य प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए ओपीडी सेवा बंद कर दी गई थी। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। हालांकि इमरजेंसी सेवा चालू थी, लेकिन कोविड 19 के खौफ के नाते सामान्य रोगों से ग्रसित कम ही लोग उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों में जाते थे। बाद में सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिला अस्पताल परिसर स्थित ट्रॉमा सेंटर में नव निर्मित दो सौ बेड अस्पताल को कोविड 19 अस्पताल बनाया गया था। मधुपुर सीएचसी को भी कोविड अस्पताल बनाया गया था। इन जगहों पर ओपीडी सेवा बंद थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने जिले में सिर्फ एक अस्पताल को ही कोविड अस्पताल के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया है। इस बाबत सीएमओ डॉ. नेम सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल लोढ़ी परिसर स्थित दो सौ बेड के अस्पताल में कोविड अस्पताल एल-टू संचालित था। सिर्फ उसे ही संचालित किया जाएगा। शेेष जितने भी कोविड अस्पताल बने थे, सभी को बंद कर वहां सामान्य ओपीडी शुरू की जा चुकी है। उधर, जिला संयुक्त चिकित्सालय के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में ओपीडी समेत अन्य सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। ट्रॉमा सेंटर स्टाफ के अभाव में बंद है। जिला अस्पताल और मैटर्निटी अस्पताल को मिलाकर दो सौ बेड की सेवाएं मरीजों को मिलनी शुरू हो गई है।