आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थी कोरोना संक्रमित होने पर निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे। हालांकि राजकीय कोविड अस्पतालों में बेड न होने की दशा में ही कोरोना मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हो सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान की शुरूआत की है। यह योजना वास्तव में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है, जिसके तहत गरीब लोगों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के इलाज के लिए कैशलेश कवरेज प्रदान किया जाता है। इस योजनासे लाभार्थी सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकता है। शासन से सभी सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों को सरकारी चिकित्सालयों, राजकीय एवं प्राइवेट मेडिकल कालेजों में बेड की उपलब्धता न होने पर इंट्रीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के ऐसे लाभार्थी जो कोरोना संक्रमित है उन्हें प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा है ताकि वे कोरोना के लिए चयनित अस्पतालों में उपचार करा सकें। जिले में कोरोना के लिए नौ निजी अस्पताल अधिग्रहीत किये गये हैं। अस्पताल संचालक बेड खाली होने पर मरीजों को भर्ती करने से इंकार नहीं कर सकेंगे। मरीजों के उपचार में आने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी। अब तक योजना का लाभ सात कोरोना संक्रमितों को मिल चुका है।
कोविड अस्पताल में बेडों की उपलब्धता न होने की दशा में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चयनित लाभार्थी कोरोना संक्रमित होने पर प्रशासन की ओर से करोना रोगियों केे लिए अधिग्रहित निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। इंट्रीग्रेटेड कोविडकमाण्ड सेंटर द्वारा यह प्रमाण.पत्र उपलब्ध कराया जाएगा कि एल-2 में बेड नहीं है, उसी प्रमाण पत्र को लेकर रोगी निजी अस्पताल में भर्ती हो सकेंगे। - डॉ. एसके जायसवाल, नोडल, आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान