रसोइयां वर्कर्स ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मांग रखी। इस दौरान नवीनीकरण के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसे बंद करने की मांग की। सीएम को संबोधित ज्ञापन देकर कहा कि अगर इनकी मांग नहीं मानी गई तो बड़ा प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। मानदेय में वृद्धि, नवीनीकरण के नाम पर उत्पीड़न सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन में शामिल रसोइयाें का कहना था कि अल्प मानदेय पर काम करने के बावजूद उनका उत्पीड़न हो रहा है। मानदेय की राशि कभी भी नियमित रूप से नहीं मिलती। वर्तमान समय में भी कई माह का मानदेय बकाया है। न तो कोई स्वास्थ्य सुविधा है और न ही जीवन बीमा।
नवीनीकरण के नाम पर मनमाने ढंग से निष्कासन आम बात हो गई है। धुंआ मुक्त प्रदेश में हम जुगाड़ की लकड़ी में खाना पकाने के लिए बाध्य हैं। गैस सिलिंडर दिखावा मात्र रह गया है। खाना बनाने के साथ सफाई कर्मचारी से लेकर चपरासी तक के सारे काम करने पड़ते हैं।
कोई आकस्मिक और बीमारी का अवकाश नहीं मिलता। उत्पीड़न पर रोक लगाते हुए उन्हें 12 माह का सम्मानजनक मानदेय की व्यवस्था की जाए। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष सुनीता विश्वकर्मा, फूलमति, शांति देवी, संगीता, कलावती, पुष्पा, रमावती, विमली देवी, केशरी देवी आदि शामिल रहीं।