काफी जद्दोजहद के बाद दोपहर 2.30 बजे केकराही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक स्वास्थ्य कर्मी सुरक्षा किट लेकर पहुंचा और परिजनों को देते हुए सुरक्षा के साथ दाह संस्कार करने को कहा। मृतक के वृद्ध पिता जहां एक तरफ बैठकर अपनी बेबसी पर आंसू भी नहीं बहा पा रहे थे वही पुत्र अकेले कंधा देने में अपने आप को असमर्थ पा रहा था।
दूर से देखकर आपस में हालात पर चर्चा करने वाले तो कई थे कोई कंधा देने कोई आगे नहीं आया। करीब पांच घंटे तक शव वहीं जमीन पर पड़ा रहा। बाद में शाम चार बजे गांव के तीन युवक दाह संस्कार कराने के लिए तैयार हुए। खुद सुरक्षा किट पहनकर शव को वाहन में रखवाया और अंतिम संस्कार के लिए ले गए।