सोनभद्र। अधिवक्ता परिषद सोनभद्र इकाई ने व्यवहार न्यायालय में अभिवचन की संरचना विषय पर स्वाध्याय मंडल का आयोजन सोनभद्र बार एसोसिएशन के सभागार में किया। मुख्य वक्ता अधिवक्ता परिषद सोनभद्र इकाई के संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता कृपा नारायण मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि हमें सिविल प्रक्रिया संहिता को गीता व रामायण की तरह निरंतर पढ़ते रहना चाहिए। वादकारी को बहुत ही ध्यान से सुनने के बाद हम अपने वादकारी को किस मौलिक विधि के तहत कौन से उपचार उपलब्ध करा सकते हैं इसका चयन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि सिविल प्रक्रिया संहिता स्वयं में प्रक्रिया की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे 2002 के संशोधन व न्यायालयों के संशोधन से अत्यंत ही उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया गया है। मुख्य अतिथि अधिवक्ता परिषद के संरक्षक अमरेश चंद्र पांडेय रहे। अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष शशांक शेखर कात्यायन ने की। संचालन महामंत्री नीरज कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में सुरेंद्र पांडेय, विनोद चौबे, मुन्ना सिंह, उमेश मिश्रा, सुनील कुमार मालवीय, सर्वेश कुमार मिश्रा, राघवेंद्र त्रिपाठी, रमेश राम पाठक, अखिलेश मिश्रा, शमशेर बहादुर सिंह, पंकज श्रीवास्तव, श्याम किशोर मिश्रा, विजय शंकर सिंह आदि मौजूद रहे।