निर्माणाधीन ओबरा सी परियोजना में तोड़फोड़
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इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि इस दौरान शमशेर को सिर में गंभीर चोट आई। मामला ओबरा थाने पहुंचा। दोनों पक्षों के लोग थाने में बैठकर विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे थे। उधर, घटना की सूचना पाकर परियोजना में काम कर रहे मजदूर लामबंद हो गए। कामकाज ठप कर दुसान कंपनी के महाप्रबंधक कार्यालय पर धमक पड़े।
पथराव करते हुए सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों की पिटाई शुरू कर दी। मजदूरों ने पथराव कर कई खिड़कियों के शीशे, एसी, सीसी टीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए। महाप्रबंधक की गाड़ी पर भी पथराव किया। हमले में कंपनी के डीजीएम जंग होम जोन को चोट आई। सुरक्षा गार्ड मनीष, पवन कुमार, महेंद्र यादव, अमरनाथ शर्मा, कुलदीप आदि भी घायल हो गए।
मजदूरों का गुस्सा देख अन्य कर्मचारियों ने दरवाजा बंद कर खुद को बचाया। करीब एक घंटे तक मजदूरों का पथराव और तोड़फोड़ जारी रहा। सूचना पाकर फोर्स के साथ ओबरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। बवाल कर रहे मजदूरों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
पुलिस ने विवाद करने वाले आनंद सिंह और शमशेर को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। देर शाम तक मजदूर काम पर नहीं लौटे थे। घटना को लेकर कोई तहरीर भी नहीं पड़ी थी। ओबरा एसओ मिथिलेश मिश्र ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ कर घटना का कारण जानने का प्रयास किया जा रहा है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।