Sonbhadra News : इन दवाओं को बच्चों में वितरित करने के लिए दिया गया था। कॉलेज में अधजली अवस्था में मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बाबत पूछे जाने पर प्रिंसिपल ने अनभिज्ञता जताई। कहा कि यह जहां दवाइयां जलाई गईं हैं वह हमारे कैंपस का हिस्सा नहीं है।
चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कॉलेज के परिसर में रविवार को भारी मात्रा में एल्बेंडाजोल और आयरन की दवाएं जली हाल में मिली। यह दवाएं दिसंबर 2024 तक वैध हैं। दवाओं को बच्चों में वितरण के लिए दिया गया था, मगर अधजले हाल में मिलने से खलबली मच गई है। कॉलेज प्रबंधन फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने जांच की बात कही है।
विज्ञापन
चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कॉलेज में प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर खींचतान मची हुई है। रविवार को यहां नामांकन होना था। दूसरे पक्ष की आपत्ति के चलते नामांकन से ठीक एक दिन पहले शनिवार की शाम जेडी के निर्देश पर डीआईओएस ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इसे लेकर रविवार की सुबह से कॉलेज परिसर में गहमागहमी मची हुई थी।
विज्ञापन
इसी बीच, लोगों की नजर कॉलेज परिसर के पार्किंग एरिया पर पड़ी, जहां भारी मात्रा में अधजली दवाएं फेंकी गई थी। जब इसे उठाकर देखा गया तो उस पर दिसंबर 2024 की एक्सपायर तिथि दर्ज थी। इसमें एल्वेंडाजोल व आयरन की गोली शामिल रही। इन दवाओं का उपयोग बच्चों को पेट के कीड़े मारने के लिए दिया जाता है। वहीं आयरन की गोली लड़कियों में वितरण के लिए आती है।
कॉलेज परिसर में यह दवाएं कहां से आई और इसे क्यों जलाया गया, इस पर प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। प्रधानाचार्य दयाशंकर सिंह ने दवा जलाए जाने के बाद कोई टिप्पणी से इंकार किया तो दूसरी ओर एक पक्ष ने कॉलेज प्रबंधन पर दवा जलाने का आरोप लगाया है। फिलहाल इस मामले में सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने जांच की बात कही है। कहा कि मामले की जांच कराने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।