सोनभद्र। जिले में रविवार की रात सीजन की पहली बारिश हुई। रह-रहकर चलती सर्द हवाएं जहां कंपकंपी छुड़ाती रही। वहीं गरज के साथ रात में हुई बारिश के साथ कई जगह पड़े ओलों ने किसानों की नींद उड़ाकर रख दी। मौसम विभाग का मानना है कि अभी दो दिन तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। शाम ढलते ही छाए कोहरे के धुंध और पूरे दिन में आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ को देखते हुए आठ जनवरी को कक्षा आठ तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
रविवार की शाम आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ के साथ ही तापमान में बढ़ोत्तरी शुरू हो गई। रात साढ़े दस बजते-बजते तेज हवाएं चलने लगी। कुछ देर बाद ही बूंदा-बादी शुरू हो गई। पूरी रात गरज-तरज के साथ रह-रहकर बारिश का क्रम बना रहा। सुबह सात बजे के बाद हल्की धूप हुई तो लोगों ने राहत महसूस की लेकिन पूरे दिन बादलों और धूप की अठखेली चलती रही। इस दिन देर से अवकाश घोषित होने के कारण अधिकांश स्कूल खुले रहे। डीएम अमित कुमार सिंह के मुताबिक बारिश, ठंड और कोहरे को देखते हुए आठ जनवरी को कक्षा आठ तक के सरकारी, निजी, अर्धसरकारी सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश जारी कर दिया गया है। उधर, चतरा ब्लाक के सिलहट, पनिकप, टेढ़ी, बंजरिया, मतहरा आदि गांवों में बारिश के दौरान ओले गिरने से किसानों की धड़कनी बढ़ी रही। हालांकि ओलों का आकार छोटा होने का कारण कोई खास नुकसान नहीं हुआ लेकिन अभी बारिश की उम्मीद बने रहने से किसानों की नींद उड़ी हुई है। वहीं ठंड को देखते हुए लोग पूरे दिन खुद को गर्म कपड़ों से ढंके रहे। ज्यादातर जरूरी कामकाज वाले ही घर से बाहर निकले। वह भी शाम ढलने के साथ घर के लिए निकल लिए। ठंड के बावजूद राबर्ट्सगंज के साथ ही अन्य कस्बों में सभी सार्वजनिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
फसलों के लिए फायदेमंद है बारिश
सोनभद्र। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि सरसों की फसल को छोड़कर शेष फसल के लिए बारिश फायदेमंद है लेकिन ज्यादा बारिश या ओले पड़े तो दलहन-तिलहन की फसल को नुकसानी होगी। कोहरा ज्यादा हुआ तो माहो कीट का प्रकोप बढ़ेगा। दवा का छिड़काव कर कीटों के प्रकोप से बचा जा सकता है।