शक्तिनगर। एनसीएल मेें केेंद्र सरकार के कामर्शियल माइनिंग व कोल ब्लॉकों को निजी क्षेत्रों को आवंटित किए जाने के प्रस्ताव का विरोध जोर पकड़ने लगा है। बृहस्पतिवार को बिना सहित कई कोयला क्षेत्रों में कोयला कामगारों ने जोरदार प्रदर्शन के साथ नारेबाजी किया। एनसीएल बीना क्षेत्र के खदान क्षेत्र स्थित टाइम ऑफिस पर बृहस्पतिवार पांचों ट्रेड यूनियन के महासंघ (एटक, इंटक, बीएमएस, सीटू, एचएमएस) के नेताओं की मौजूदगी में कोयला कामगारों ने कामर्शियल माइनिंग के विरोध में केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी किया। इसके बाद कोल प्रबंधन को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में कोयला उद्योग में वाणिज्य खनन के निर्णय वापस लेने, कोल इंडिया लिमिटेड व एससीसीएल के लिए निर्बल या निजीकरण की दशा में उठाये गए सभी कदमों को रोका जाए, कोल इंडिया लिमिटेड से सीएमपीडीआईएल को डी लिंक करने का निर्णय वापस लेने, कोल इंडिया लिमिटेड एवं एससीसीएल में नियोजित ठेकेदारी श्रमिकों को हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित मजदूरी का भुगतान किए जाने के समर्थन में ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर यह भी निर्णय लिया गया कि पांचों ट्रेड यूनियन संयुक्त रूप से दो से चार जुलाई तक प्रस्तावित तीन दिनी हड़ताल में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगी। इस दौरान मुख्य रूप से रघुनाथ सिंह, व्यास मुनि पाठक, इंद्रजीत पांडेय, अजय कुमार, मनोज सिंह, त्रिभुवन सिंह, राजेंद्र पाल सहित पांचों ट्रेड यूनियनों से जुड़े बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
सिटिया ने जताया विरोध, सौंपा ज्ञापन
सिंगरौली। कोल इंडिया में कामर्शियल माइनिंग व कोल ब्लॉकों को निजी क्षेत्रों में आवंटन प्रस्ताव के विरोध में आल इंडिया आईटीआई एंपलाइज एसोसिएशन (सिटिया) से जुड़े एनसीएल के तकनीकी कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को काला फीता बांधकर कोल क्षेत्रों में विरोध जताया। शाम चार बजे के बाद पदाधिकारियों ने एनसीएल प्रबंधन के अफसरों को ज्ञापन सौंपा और कहा कि केंद्र सरकार फैसले पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और धार देने का काम होगा। इन मौके पर संगठन के अध्यक्ष आरटी राय, महामंत्री बीके पटेल, राहुल सिंह, जितेंद्र कुमार सहित काफी तादात में तकनीकी कर्मचारी मौजूद रहे।