शक्तिनगर। कोयला उद्योग में जारी तीन दिनी हड़ताल का एनसीएल में व्यापक प्रभाव पड़ा है। हड़ताली कर्मचारियों की एकता से कंपनी को बड़ी चपत लगने का दावा संयुक्त मोर्चा ने शनिवार को किया। कोल प्रबंधन का मानना है कि हड़ताल का ज्यादा असर कोयला उत्पादन व प्रेषण पर पड़ा जबकि अधिभार का निस्तारण लक्ष्य के मुताबिक हुआ। तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन शनिवार को भी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कोयला कामगारों ने एकजुटता का परिचय दिया और कार्य स्थलों पर नहीं गए। यह अलग बात है कि शनिवार को बृहस्पतिवार व शुक्रवार के अनुपात में कार्य स्थलों पर उपस्थित होने वाले कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई।
एनसीएल मुख्यालय व केंद्रीय कर्मशाला में ड्यूटी पर पहुंचने वाले कर्मचारियों की संख्या अधिक रही। बीते दो दिनों के जैसे ही संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कोयला क्षेत्रों के मुख्य द्वार पर पहुंच कर्मियों को एकजुट करने का प्रयास किया। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने दावा किया कि शनिवार को भी हड़ताल शत प्रतिशत सफल रहा। एनसीएल के प्रवक्ता राम विजय सिंह ने बताया कि शनिवार को करीब 75 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। उन्होंने बताया कि शनिवार को उपस्थिति में आंशिक वृद्धि दर्ज की गई। उनका कहना था कि हड़ताल का असर कोयला उत्पादन के साथ प्रेषण पर भी पड़ा। अधिभार का निस्तारण लक्ष्य के मुताबिक हुआ और इसका प्रतिशत करीब 87-88 प्रतिशत रहा। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी पीके सिंह का कहना था कि शनिवार को भोर में धोखे से दुद्धीचुआ कोयला प्रोजेक्ट से एक रेल रैक कोयले की निकासी की गई। शनिवार को तीसरे दिन भी बीना एवं कृष्णशिला परियोजना में एटक, इंटक,एचएमएस, बीएमएस, सीटू( संयुक्त मोर्चा) की तरफ से केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए गए। हड़ताली कर्मियों ने चेतावनी दी कि किसी भी हाल में कोल इंडिया में कामर्शियल माइनिंग नहीं होने देंगे। आंदोलनकारियों ने सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की। कर्मचारी संगठनों ने तीन दिवसीय हड़ताल में सभी ट्रेड यूनियन के ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया और हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल होने का भी दावा किया। इस दौरान अशोक दुबे, पीएस पांडेय, मुन्नी लाल, अरुण कुमार दुबे, अशोक पांडेय, रघुनाथ सिंह, अजय कुमार, इंद्रजीत पांडेय, मनोज सिंह, त्रिभुवन सिंह, जागेन्द्र तिवारी, संजीव सिंह, राम प्रसाद गुप्ता, राजेन्द्र पाल,शकील अहमद खान सहित ट्रेड यूनियनों के अन्य लोग मौजूद रहे।