प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से प्रदेश का सबसे समृद्ध जिला होने के बाद भी सोनभद्र के वर्षों तक बदहाल रहने के लिए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा। उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। साढ़े चार वर्ष में आए बदलावों को गिनाते हुए भविष्य के सुनहरे सपने भी दिखाए।
उन्होंने कहा कि कहा कि आजादी के बाद की सरकारों ने यहां की जनता को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा। वर्ष 2017 से पहले यहां अराजकता थी। खनन माफिया, भू माफिया लोगों का शोषण करते थे। माताएं-बहनें शुद्ध पानी के लिए तरसती थीं। जो जिला पूरे प्रदेश को ऊर्जा देता था, वह खुद अंधेरे में रहता था। आज हर घर को बिजली भी मिल रही है और हर घर जल योजना के माध्यम से गांव-गांव में पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।