अनपरा। गेट पास की जांच को लेकर सोमवार को अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य द्वार पर बिजली कर्मचारी और सीआईएसएफ के जवान आपस में भिड़ गए। इसके बाद बिजली कर्मचारियों ने मुख्य द्वार को जाम कर जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए।
परियोजना की बस सोमवार को अपराह्न परियोजना कर्मियों को लेकर रही थी। इसी दौरान पास चेकिंग को लेकर विद्युत कर्मियों व सीआईएसएफ कर्मियों मे बहस हो गई। इससे आक्रोशित बिजली कर्मचारियों ने परियोजना के मुख्य द्वार को जाम कर दिया। बिजली कर्मचारियों ने परियोजना प्रबंधन विरोधी नारे लगाए। उनका कहना था कि पहले बस में सीआईएसएफ का जवान चढ़कर गेटपास चेक करता था लेकिन कोरोना के चलते सीआईएसएफ के जवान बस से एक-एक व्यक्ति को उतारकर गेटपास की चेकिंग करते हैं जिसमें समय बर्बाद होता है। गेट पास की जांच के नाम पर कर्मचारियों से बदसलूकी की जाती है। बिजली कर्मचारियों ने तीन घंटे से अधिक समय तक मुख्य द्वार को जाम किया। दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।
परियोजना के सीजीएम एच पी सिंह ने सीआईएसएफ कर्मियों व विद्युत कर्मियों के साथ वार्ता कर मामले का शांत कराया। इसके बाद धरना प्रदर्शन स्थगित हुआ। वार्ता में तय हुआ कि शिफ्ट बस में कर्मचारी सोशल डिसटेंस का पालन करेंगे। पास चेकिंग के दौरान किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर अनपरा परियोजना के सीजीएम इं एच पी सिंह, सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट बबुआ झा, असिस्टेंट कमाण्डेंट वी के माथुर, परियोजना कर्मियों की तरफ से रोहित राय, सुशील श्रीवास्तव, शारदा प्रसाद, विवेक कुमार सिंह, हरिशंकर चौधरी, सत्यम यादव, विजय बहाुदर सिंह, ओमव्रत सिंह, अभिषेक मौजूद रहे।